Wednesday, 23 April 2014

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Sri Ganganagar

बिना परमिटवाले पोस्तियों को खदेड़ा

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Written by sandhyab Tuesday, 22 April 2014 09:15

श्रीगंगानगर। पुलिस अधीक्षक हरीप्रसाद शर्मा ने श्रीगंगानगर में पहली बार लाईसेंसशुदा ठेकों पर अवैध पोस्त की बिक्री को रूकवा दिया। पुलिस अधीक्षक के इस रूख से पोस्त ठेकेदारों में हड़कम्प मच गया है। पोस्त ठेकों पर बड़ी संख्या में पोस्त खरीदने पहुंचे, बिना परमिटधारियों को पुलिस ने आज खदेड़ दिया। भारी पुलिस बल की मौजूदगी में केवल परमिटधारी लोगो ंको ही ठेकों के नजदीक आने दिया जा रहा था। परमिट के आधार पर पोस्त खरीदने वाले नशेडिय़ों की संख्या नाममात्र की है। पोस्त नहीं मिलने पर नशेडिय़ों की हालत नाजुक होती जा रही है।
जानकारी के अनुसार पिछले कई दिनों से सूरतगढ़ बाईपास व मिनी मायापुरी में स्थित पोस्त ठेकों पर पोस्त खरीदने के लिए बड़ी संख्या में लोग पहुंच रहे थे। पुलिस बीते सोमवार तक, हजारों लोगों को कतार में खड़ा करके बिना परमिटधारी लोगों द्वारा पोस्त खरीदने की व्यवस्था को संभाल रही थी। ठेकेदारों के पास पोस्त की कमी के चलते लम्बी कतार में खड़े लोगों को एक-एक, दो-दो पुड़ी बेची जा रही थी। लाइसेंस की शर्तो के अनुसार पोस्त के ठेकों पर केवल परमिटधारी लोगों को ही पोस्त (परमिट में अंकित मात्रा के अनुसार) बेचा जा सकता है, लेकिन श्रीगंगानगर जिले में वर्षो से परम्परा चली आ रही थी कि कोई भी व्यक्ति जितना चाहे पोस्त ठेकों से खरीद कर रहा था। मीडिया में मामला उजागर होने के बाद हरकत में आए पुलिस अधीक्षक हरीप्रसाद शर्मा ने सदर पुलिस थाना प्रभारी दिनेश राजोरा व पुरानी आबादी पुलिस थाना प्रभारी धीरेन्द्र सिंह शेखावत को अपने-अपने इलाके में पोस्त ठेकों पर बिना परमिट के पोस्त की बिक्री नहीं होने के निर्देश दिए। आदेश के बाज आज सुबह पुलिस उप अधीक्षक राजेन्द्र डिढारिया के नेतृत्व में सदर व पुरानी आबादी थाना पुलिस ने पोस्त के ठेकों पर जुटी भीड़ को हटाने का प्रयास कर रही थी।
पुलिस अधीक्षक के आदेश पर पुरानी आबादी व सदर पुलिस अपने-अपने इलाके में स्थित पोस्त ठेकों के पास पहुंची और बिना परमिट वाले नशेडिय़ों को ठेकों से दूर खदेड़ दिया। दोनों थानों की पुलिस को अन्य पुलिस थानों से भी पुलिस जाब्ता उपलब्ध करवाया गया है। हजारों लोगों को खदेडऩे के लिए पुलिस को काफी मशक्कत करनी पड़ी। ठेकों के नजदीक केवल उन्हीं पोस्तियों को जाने दिया जा रहा था, जिनके पास नवीनीकृत परमिट था। अनेक पोस्तियों ने पोस्त खरीदने के लिए पुलिस कर्मचारियों के साथ धक्का मुक्की भी की, लेकिन भारी पुलिस जाब्ता के चलते पोस्तियों को खदेड़ दिया गया। मिनी मायापुरी में स्थित पोस्त का ठेका सुबह साढ़े 11 बजे तक नहीं खुला था, लेकिन ठेके पास पोस्त खरीदने वाले सुबह सात बजे से पहुंचने शुरू हो गये थे। ठेके के आगे चुनिंदा परमिटधारी लोग ही पोस्त खरीदने के लिए लाइन लगा कर बैठे थे। परमिट के आधार पर पोस्त खरीदने वालों में कई महिलाएं भी अपने बारी का इंतजार कर रही थी।

 

पुलिस की सख्ती रही तो करोड़ों का फटका

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Written by sandhyab Tuesday, 22 April 2014 09:15


श्रीगंगानगर। पोस्त ठेकों पर बिना परमिट वाले लोगों को पोस्त नहीं बेचने की सख्ती जारी रही, तो ठेकेदारों को चंद महीनों में करोड़ों रुपए का फटका लग सकता है। लाइसेंसधारी ठेकेदार अगर नियमानुसार पोस्त की बिक्री करते हैं, तो पोस्त की आपूर्ति पर्याप्त है। परमिटधारियों को उनके परमिट के अनुसार अगर पोस्त की बिक्री की जाती है, तो ठेकेदारों को बड़ा नुकसान होने की संभावना है। श्रीगंगानगर में अब तक पोस्त का ठेका लेने में कामयाब रहे बड़े ठेकेदारों की ओर से ठेकों पर खुल्लेआम बिना परमिट के पोस्त की बिक्री की जाती थी। पुलिस ने भी ठेकों से बिना परमिट के पोस्त खरीदने वालों पर कभी कार्रवाई की जुरर्रत नहीं की थी, लेकिन अब यह परम्परा तोडऩे का प्रयास किया जा रहा है। पुलिस अधीक्षक श्री शर्मा के आदेश पर वही पुलिस अब बिना परमिट पोस्त नहीं खरीदने देगी। अब तक पुलिस व आबकारी विभाग के अफसरों के साथ मिलीभगत करके ठेकेदार बिना परमिटधारी लोगों को धड़ल्ले से पोस्त बेचते आ रहे थे, यह दिन अब समाप्ति की ओर हैं।

 

एफसीआई की याचिका पर सुनवाई कल

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Written by sandhyab Tuesday, 22 April 2014 09:13


श्रीगंगानगर। हनुमानगढ़ जिले के तीन खरीद केन्द्रों पर गेहूं की खरीद संबंधी भारतीय खाद्य निगम (एफसीआई) की स्थगन याचिका पर सुनवाई बुधवार को होगी। एफसीआई के क्षेत्रीय प्रबंधक एसआर मीणा ने बताया कि हनुमानगढ़ प्रथम, द्वितीय और टिब्बी में गेहूं खरीद के संबंध में हनुमानगढ़ के ठेकेदार की स्थगन याचिका के खिलाफ जोधपुर हाइकोर्ट में सुनवाई बुधवार को होगी। स्थगन याचिका के खिलाफ एफसीआई ने याचिका लगा रखी है। इन तीनों केन्द्रों पर खरीद की जिम्मेदारी हाइकोर्ट ने एफसीआई की बजाय तिलम संघ को दी है। इसी संबंध में एफसीआई की ओर से लगाई याचिका पर सुनवाई बुधवार को होगी।
छात्राओं से स्कूल में दुष्कर्म : पाली जिले के देवासियों की ढाणी बगडी नगर में स्थित सरकारी स्कूल में पढ़ रही दूसरी कक्षा की पांच मासूम बालिकाओं के साथ दुष्कर्म के मुख्य आरोपी शिक्षक नरेन्द्र कुमार गर्ग को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। गुरू शिष्य के पवित्र रिश्ते को तार तार करने वाले नरेन्द्र कुमार गर्ग के खिलाफ की गई प्रारम्भिक जांच में मासूम बालिकाओं के साथ दुष्कर्म का आरोप प्रमाणित हुआ है।
सूत्रों ने बताया कि इस मामले में अन्य आरोपी अन्य हेडमास्टर समेत तीन शिक्षकों को निलम्बित कर दिया गया है। इस स्कूल में पदस्थ पुरूष शिक्षकों को हटा कर महिला शिक्षकों को लगाया गया है। सूत्रों ने बताया कि इस प्रकरण में बगडी नगर थाना पुलिस की अनुसंधान अधिकारी अंजना सुखवाल ने मौके पर पहुंच कर पीडित पांचों बालिकाओं का मेडिकल बोर्ड से परीक्षण करवाया है तथा संबंधित गवाहों के बयान दर्ज कर लिए हैं। इस मामले में पुलिस तत्परता बरत रही है तथा आरोपी शिक्षकों के खिलाफ सम्पूर्ण साक्ष्य एकत्रित किए जा रहे हैं। इस घटना को लेकर देवासियों की ढाणी के ग्रामीणों में आक्रोश व्याप्त है। ग्रामीणों का कहना है कि सभी आरोपी शिक्षकों को तुरन्त गिरफ्तार कर सख्त सजा दी जाए। उधर, शिक्षक संघ राष्ट्रीय के जिला अध्यक्ष राजेन्द्र सिंह राठौड़ के नेतृत्व में 20 से अधिक शिक्षकों ने एक ज्ञापन पेश कर इस प्रकरण में आरोपी शिक्षकों को राजनीतिक द्वेष से फंसाने का आरोप लगाया है।

 
 

बिगड़ा जिले के मौसम का गणित

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Written by sandhyab Tuesday, 22 April 2014 09:13

श्रीगंगानगर। जिले में मार्च अप्रेेल में मौसम तंत्र ने इस बार किसानों ही नहीं पूरे जनजीवन को हिलाकर रख दिया है। एक दिन मौसम साफ रहता है तो अगले दिन आसमान में बादल छा जाते हैं। कड़कड़ाती हुई बिजली, कभी तेज आंधी तो ओलावृष्टि और बरसात। लगभग दो माह से इस बार यही स्थिति रही है। इसलिए किसानों का कामकाज तो प्रभावित हुआ ही है, खेती से जुड़े व्यवसाय, धान मंडी में कृषि जिंस खरीदने वाली निजी एवं सरकारी एजेंसियों का काम भी बुरी तरह प्रभावित हुआ है।
मौसम विभाग के अनुसार दस मार्च से अब तक जिला मुख्यालय पर करीब 78 मिलीमीटर वर्षा रिकॉर्ड की गई है। इस अवधि में दस दिन बरसात, बीस दिन बादलवाही और करीब एक सप्ताह अंधड़ के कारण किसानों को अपनी रबी फसल समेटने में तगड़ी कसरत करनी पड़ी है। इसके विपरीत पिछले वर्ष मानसून में जून, जुलाई और अगस्त में 221 मिलीमीटर बरसात हुई थी। मौसम में आ रहे इस बदलाव से कृषि विशेषज्ञों की राय है कि किसानों को परंपरागत फसलों के साथ साथ जायद और सब्जियों की बुवाई करनी चाहिए। उन्हें बागवानी, दाल-दलहनी फसलों की बुवाई करनी चाहिए।
यूं चला बरसात का दौर
जानकारी के अनुसार इस रबी सीजन के दौरान मार्च के प्रथम सप्ताह तक वातावरण फसलों के लिए काफी अनुकूल था। 10 मार्च को अचानक मौसम ने पलटा खाया और इलाके का आसमान बादलों से आच्छादित हो गया। घनघोर घटाओं के साथ बिजली की गडग़ड़ाहट से चना एवं सरसों की पकी हुई फलियों में उतपादन प्रभावित हुआ। इस दिन 2.3 एमएम वर्षा रिकॉर्ड की गई। हालांकि कुछ स्थानों पर अच्छी बरसात से किसानों ने राहत की सांस भी ली, लेकिन 18 मार्च को पुन: झमाझम बरसे बादलों से 5.4 एमएम वर्षा रिकॉर्ड की गई। दो  तीन दिन पुन: बादलवाही के बाद 24 मार्च को 48.1 मिलीमीटर, अगले दिन 12.3 मिलीमीटर वर्षा रिकॉर्ड की गई। एक सप्ताह बाद ही दो अप्रेल को फिर आसमान में बादल छा गए और 0.2 मिलीमीटर वर्षा रिकॉर्ड की गई। 7 अप्रेल को 0.1 तथा 16 अप्रेल को 1.8 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई। 18, 19 एवं 22 अप्रेल को पुन: करीब छह मिलीमीटर से अधिक वर्षा रिकॉर्ड की गई है। इस अवधि में जिले के अन्य स्थानों पर भी बादलवाही, बरसात के कारण रबी फसल कटाई में व्यवधान आया है।
नहीं हुई मावठ
इलाके में इस वर्ष नाममात्र की मावठ रही। कम बरसात के कारण औस भी ज्यादा नहीं गिरी और तापमान भी अधिक नहीं गिरने के कारण सर्दी का दौर काफी कम रहा। यह अलग बात है कि गेहूं की फसल के लिए मार्च में मौसम काफी अनुकूल रहा लेकिन बादलवाही ने दूसरी फसलों का गणित भी बिगाड़ा। कई स्थानों पर हुई ओलावृष्टि से फसल उत्पादन पर भी असर पडऩे की आशंका है।

 

दूसरे दिन भी कई केन्द्रों पर 'सरकारÓ खाली हाथ

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Written by sandhyab Tuesday, 22 April 2014 09:13

श्रीगंगानगर। न्यूनतम समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीद के दूसरे दिन भी गंगानगर-हनुमानगढ़ जिलों के कई केन्द्रों पर 'सरकारÓ खाली हाथ रही। एक केन्द्र पर खरीद  दोपहर तक शुरू होने की संभावना है, वहीं चार केन्द्रों पर बुधवार को खरीद शुरू होने की संभावना है।
भारतीय खाद्य निगम (एफसीआई) के क्षेत्रीय प्रबंधक आरएस मीणा ने बताया कि सरकारी खरीद के पहले दिन कई केन्द्रों पर निर्धारित से अधिक नमी के कारण गेहूं नहीं खरीदा गया।
इन केन्द्रों में से कुछ पर आज तो कुछेक केन्द्रों पर बुधवार को खरीद शुरू हो जाएगी। सरकारी खरीद से इतर, गिरदावरी और नमी के चक्कर से बचने के लिए कई किसान व्यापारियों को गेहूं बेचकर फारिग हो रहे हैं।
चार केन्द्रों पर खरीद कल
गंगानगर जिले के जिन चार केन्द्रों पर बुधवार को खरीद शुरू होगी, उनमें श्रीकरणपुर, श्रीबिजयनगर, सादुलशहर और सूरतगढ़ मंडी शामिल है। पदमपुर में संभवत: दोपहर तक खरीद शुरू होने की संभावना है जबकि सूरतगढ़ और श्रीबिजयनगर में हैंडलिंग एजेंट केे ठेका संबंधी समस्या के कारण खरीद में देरी बताई जा रही है। फिर भी जिले की अधिकांशत बड़ी-बड़ी मंडियों में खरीद शुरू होने की बात एफसीआई ने स्वीकारी है।
पहले दिन पौने तीन लाख बैग
समर्थन मूल्य पर राजफैड की ओर से पहले दिन 2 लाख 81 हजार बैग गेहूं की खरीद की गई। राजफैड प्रभारी दीपक अग्रवाल ने मंडी में फसल लेकर आने से पहले किसानों से गेहूं सुखाकर लाने की अपील करते हुए कहा है कि गीली गेहूं में नमी की मात्रा होने पर उसकी खरीद नहीं हो पाएगी, जिसके चलते उन्हें और मंडी में आए अन्य किसानों को परेशानी आएगी।

 
 
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